मौसमी बुखार या वायरल बुखार का सिद्ध रामबाण इलाज।-viral bukhar ka ilaj (home remedies for viral fever in hindi)

वायरल बुखार का रामबाण इलाज-viral bukhar ka ilaj(home remedies for viral fever in hindi)

वायरल बुखार का रामबाण इलाज-viral bukhar ka ilaj (home remedies for viral fever in hindi)

    मौसम बदलते ही एक चीज जो सबसे ज्यादा परेशान करती है वह है वायरल बुखार इसलिए आज ही पोस्ट में हम वायरल बुखार का रामबाण इलाज (viral bukhar ka ilaj) के बारे में बात करेंगे।

● वायरल बुखार क्या होता है(viral bukhar kya hota hai)

     वैसे बारिश का मौसम तो बहुत सुहाना लगता है लेकिन बीमारियों और इंफेक्शन फैलने के लिए यही मौसम सबसे ज्यादा अनुकूल भी होता है। इस मौसम में सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार सबसे ज्यादा फैलने वाले रोग होते हैं। 

    बारिश के मौसम में लगातार बारिश होने के कारण पहले तो पूरी जमीन भीग जाती है फिर जब तेज धूप निकलती है, तो इससे उमस पड़ती है। और हमारे वातावरण में वायरस और बैक्टीरिया बहुत तेजी से फैलते हैं। साथ ही इस मौसम में वायरल फीवर बहुत ज्यादा फैलते हैं।

   वायरल फीवर को आमतौर पर मौसमी बुखार भी कहा जाता है। क्योंकि यह मौसम बदलने के समय और बारिश में ज्यादा होता है।

 ● वायरल फीवर कितने दिन रहता है(viral bukhar kitne din tak rehta hai)

 आमतौर पर यह बुखार 4 से 7 दिनों में अपने आप ही ठीक हो जाता है परंतु जिनका इम्यून सिस्टम मजबूत नहीं होता है उनको यह बहुत ज्यादा परेशान करता है। 

  जब बाद में यह रोग खत्म होता है तो बहुत ज्यादा कमजोरी देकर जाता है साथ ही साथ यह अपनी कमजोरी का असर कई दिनों तक छोड़कर जाता है। वैसे तो मौसमी बुखार होना एक नॉर्मल बात है मगर इसके परिणाम और दर्द बहुत ज्यादा गंभीर होते हैं।

 ● वायरल बुखार के वायरस कैसे एक्टिव होते हैं(viral bukhar kaise active hota hai)

वायरल फीवर के बारे में यह जानना बहुत जरूरी है कि इसके वायरस कैसे एक्टिव होते हैं। दरअसल बरसात के मौसम में वातावरण में नमी और गर्मी होने की वजह एसपेटरी वायरस, एडिनो और सिनसाईटल जैसे वायरस बहुत ज्यादा एक्टिव हो जाते हैं, और यह वायरस तब बहुत ज्यादा एक्टिव होते हैं जब नमी बहुत ज्यादा होती है।

   ऐसे में जब पानी गिरने के बाद धूप निकलता है तो यह नमी पूरे वातावरण में फैल जाती है। यह वातावरण इन वायरसों के लिए बहुत अनुकूल हो जाता है। फिर यह वायरस जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यून सिस्टम कमजोर होता है उनको अपनी चपेट में लेने लगते हैं। यह सबसे ज्यादा बच्चों और बूढ़ों को अपनी चपेट में लेते हैं। क्योंकि उनका इम्यून सिस्टम बहुत जा ज्यादा कमजोर होता है।
वायरल बुखार का रामबाण इलाज-viral bukhar ka ilaj (home remedies for viral fever in hindi)

  ● मौसमी बुखार के लक्षण औऱ कारण(viral fever symptoms in hindi)

  जब मौसम में बदलाव होता है तो उसके कारण हमारे क्लाइमेट में भी बदलाव होता है। जिस वजह से वायरस को फैलने का बहुत तेजी से मौका मिल जाता है। फिर यह वायरस नाक और मुंह के जरिए हमारे फेफड़े में प्रवेश कर जाते हैं और यह गले, नाक, फेफड़े इत्यादि जगह पर अपना अटैक कर देते हैं।

      शरीर मे प्रवेश करने के बाद यह अपनी जनसंख्या को बहुत तेजी से बढ़ाने लगते हैं। जिस वजह से व्यक्ति को सर्दी, खांसी, जुकाम बुखार आदि दिक्कतें हो जाती हैं। इन वायरस से लड़ने के लिए हमारा इम्यून सिस्टम अपने बॉडी का टेंपरेचर बढ़ा देता है, ताकि इन वायरस को शरीर से बाहर निकाला जाए और मार दिया जाए। 

   इसलिए जब भी आपके शरीर का टेंपरेचर बढ़े तो उसको कम करने की जगह अपने खान-पान पर ध्यान दें और ऐसी चीजें खाएं जो इम्यून सिस्टम को बढ़ाती है। यहां तक तो बात हो गई मौसमी बुखार के कारण (viral bukhar ke karan) के बारे में अब आगे बात करते हैं वायरल बुखार के लक्षण(viral fever symptoms) के बारे में।

  ● वायरल बुखार के लक्षण-viral fever symptoms in hindi(viral bukhar ke lakshan)

  जब हमको वायरल फीवर हो जाता है तो हम को निम्न लक्षण देखने को मिलता है, जैसे:-

  •  बदन में बहुत दर्द होना, 
  •  पेशाब का रंग लाल हो जाना, 
  •  बेचैनी महसूस होना, 
  •  प्यास ज्यादा लगना, 
  •  मुंह का स्वाद कड़वा या कसैला हो जाना,
  •  जी मिचलाना, 
  •  जोड़ों में दर्द होना और ऐठन होना, 
  •  किसी काम में मन ना लगना, 
  •  बहुत कमजोरी फील होना, 
  •  शरीर का ज्यादा गर्म हो जाना,

  आदि शिकायतें हमको वायरल फीवर हो जाने के कारण देखने को मिलती हैं।

  ● वायरल बुखार से बचाव कैसे करें-viral bukhar ka ilaj

जगह-जगह पानी भरे रहना और उनमें मच्छरों का पनपना इन सब की वजह से डेंगू और मलेरिया रोग हो जाते हैं।

इसलिए जगह-जगह पानी न भरने दें। आसपास साफ-सफाई का ख्याल बहुत ज्यादा रखें क्योंकि सफाई न रहने से कई तरह के कीड़े, मकोड़े, जीव जंतु हमारे आस पास फैल जाते हैं जोकि वायरस और बैक्टीरिया को बढ़ाने का कारण होते हैं।

वायरल बुखार का रामबाण इलाज-viral bukhar ka ilaj (home remedies for viral fever in hindi)

 ● वायरल बुखार में खिड़की और दरवाजे खुले रखें- viral bukhar ka ilaj aur bachav

अपने घर के खिड़की दरवाजे खुले रखे और हवा को शुद्ध बनाऐं। ऐसा करने से आपको शुद्ध हवा मिलेगी, 
आपका इम्यून सिस्टम मजबूत रहेगा और वायरल फीवर नहीं होगा।

 ● वायरल बुखार में बरसात में भीगने से बचे- viral bukhar ka ilaj aur bachav

बरसात में भीगने की वजह से वायरल फीवर ज्यादा होते हैं। क्योंकि बरसात के पानी में बैक्टीरिया और वायरस ज्यादा होते हैं जो कि हमारे शरीर में प्रवेश जाते हैं।और हमको बीमार कर देते हैं। साथ ही साथ हमारे शरीर के वातावरण पर भी प्रभाव डालते हैं। इसलिए बरसात में ज्यादा भीगने से बचें।

 ● वायरल बुखार का रामबाण इलाज पित्त को दूषित होने से बचाएं- viral bukhar ka ilaj aur bachav

बुखार होने का सबसे बड़ा कारण पित्त का दूषित होना है। इसलिए पित्त बढ़ाने वाले भोजन जैसे मिर्च मसालेदार फूड, जंक फूड, फ्राइड चिकन, मछली, चाट, समोसा, टिक्की, पाव भाजी, उड़द की दाल, मटर की दाल,आदि चीजों का सेवन ना करें। इससे पित्त बढ़ता है और दूषित होता है।

वायरल बुखार का रामबाण इलाज-viral bukhar ka ilaj (home remedies for viral fever in hindi)

 
● वायरल बुखार होने पर क्या करें-viral bukhar ka ilaj

बुखार होने पर सबसे पहले अपने रूम की सफाई करें और दरवाजे तथा खिड़कियां खोल कर रखें, ताकि अंदर स्वच्छ और ताजी हवा आ सके।

● वायरल बुखार में क्या खाना चाहिए-viral bukhar mein kya khana chahie

बुखार होने पर सादा भोजन जैसे:-

  1.  चोकर सहित आटे की रोटी, 
  2.  मूंग की दाल, 
  3.  हरी सब्जियां,
  4.  कम मिर्च मसाले वाला भोजन,
  5.  फलों का रस, 
  6.  उबालकर ठंडा क्या हुआ पानी, 
  7.  नींबू पानी का रस,
  8.  खीरा, ककड़ी, प्याज आदि का सेवन करें। इससे इम्युनिटी बढ़ती है और यह पचने में भी आसान होता है।

  ● वायरल बुखार में लिक्विड ज्यादा ले- viral bukhar ka ilaj liquid

वायरल फीवर में लिक्विड लेने से हमारे शरीर में पानी की पूर्ति होती है, और कमजोरी नहीं आती है। इसके लिए पानी मिले हुए दूध, मौसमी, नारियल, संतरे का रस आदि का सेवन ज्यादा करें।

  ● वायरल बुखार में बाहर निकलने से बचें- viral bukhar ka ilaj aur bachav

वायरल फीवर आदमी से आदमी में फैलाने वाला रोग है। इसलिए अगर आपको वायरल फीवर हो जाए तो घर पर ही रहे और ज्यादा इधर-उधर न घूमे। इससे वायरस दूसरों को भी फैल सकता है।

 ● घर मे नीम का धुआं करें और वायरल बुखार से बचे- viral bukhar ka ilaj aur bachav

अपने वातावरण को शुद्ध करने के लिए और कीटाणुओं को मारने के लिए रोज सुबह शाम नीम की पत्तीओं को जलाकर उनका धुआं अपने और अगल-बगल के रूम में करें। इससे मच्छरों का और कीटाणुओं का नाश होता है।

वायरल बुखार का रामबाण इलाज-viral bukhar ka ilaj (home remedies for viral fever in hindi)

● आराम करें- viral bukhar ka ilaj rest

अगर आपको वायरल फीवर हो गया है तो अपने शरीर को आराम देना बहुत जरूरी है। क्योंकि वायरल फीवर होने पर आपकी एनर्जी बहुत घट जाती है और शरीर में कमजोरी आ जाती है। अगर ऐसे में आप काम करेंगे तो आपके शरीर पर ओवरलोड पड़ेगा।

   इसलिए सारे काम का छोड़कर आराम करें और अगर बॉडी में ज्यादा दर्द होता है तो सिर्फ थोड़ी बहुत पेनकिलर्स मेडिसिन लें। मगर ज्यादा एंटीबायोटिक दवाइयां वगैरह का सेवन ना करें इनसे कोई खास फायदा नहीं मिलता।

  ● वायरल बुखार का आयुर्वेदिक इलाज- viral bukhar ka ayurvedic ilaj

वायरल फीवर होने पर एंटीबायोटिक का इस्तेमाल तुरंत नहीं करना चाहिए। क्योंकि एंटीबायोटिक सिर्फ बैक्टीरिया के लिए बने होते हैं वायरस के लिए नहीं। अगर आपको वायरल फीवर हो गया है तो आप नीचे दिए गए वायरल बुखार का रामबाण आयुर्वेदिक इलाज-viral bukhar ka ilaj को अपना सकते हैं। यह बहुत ज्यादा असरदार होते हैं।

  ● वायरल बुखार के घरेलू नुस्खे तुलसी और अदरक का काढा-viral bukhar ka ilaj

तुलसी और अदरक का काढ़ा वायरल फीवर के लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद है। इसको बनाने के लिए आपको चाहिए 
  • 15 से 20 तुलसी के पत्ते, 
  • 5 ग्रामअदरक का बारीक कटा हुआ टुकड़ा,
  •  एक चम्मच गुड़, 
  •  चार पांच लौंग,
  •  दो चुटकी दालचीनी और 4-5 काली मिर्च।
 अब इन सब को लेकर किसी खलबट्टे में अच्छी तरीके से कूच ले। जब यह अच्छे से टूट जाए तब इसको दो गिलास पानी में डालकर इसका काढ़ा बनाये और इसको छानकर पी जाए। ऐसा दिन भर में 3 से 4 बार करें। इससे वायरल फीवर में बहुत ज्यादा आराम मिलता है, साथ ही साथ इससे सर दर्द, सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार आदि चीजों में भी बहुत ज्यादा फायदा मिलता है।

  ● वायरल बुखार का रामबाण इलाज गिलोय-giloy se viral bukhar ka ilaj

वायरल फीवर के लिए गिलोय भी बहुत अच्छा प्रयोग हो सकता है। इसके लिए 10-15 साफ और साबुत गिलोय की पत्तियों को लेकर उनका रस निकाल लें, फिर इसमें थोड़ा सा फिटकरी का चूर्ण मिलाकर, इसको पी जाए। इससे भी वायरल फीवर में बहुत ज्यादा आराम मिलता है।
वायरल बुखार का रामबाण इलाज-viral bukhar ka ilaj (home remedies for viral fever in hindi)

FAQ - 

 Q ● वायरल बुखार के बाद कमजोरी-viral bukhar ke bad kamjori

वायरल बुखार या वायरल फीवर होने के बाद व्यक्ति खाना पीना या तो बंद कर देता है या फिर बहुत कम खाता है क्योंकि उसमें उसकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है और साथ ही साथ भूख भी कम हो जाती है ।

    ऐसे में उसके शरीर में कमजोरी आना एक सामान्य सी बात है। अगर आपको भी वायरल बुखार के बाद कमजोरी आ गई है तो ऐसे में अपने शरीर में पानी की मात्रा को बनाए रखने के लिए ओआरएस(ORS) का घोल या एक गिलास पानी में दो चम्मच चीनी, चुटकी नमक, तथा आधा नींबू डालकर दिन भर में 5 से 6 बार जरूर पिए।

    इससे आपके शरीर में पानी तथा विटामिन सी की पूर्ति होती है। शरीर की कमजोरी को दूर करने के लिए फल या फलों का रस, सलाद, दाल, रोटी, चावल, हरी सब्जियां इत्यादि चीज बहुत फायदा करती है।

     इसके अलावा शरीर की कमजोरी को ठीक करने के लिए मल्टीविटामिन भी लिए जा सकते हैं परंतु जरूर से ज्यादा और लंबे समय तक मल्टीविटामिन का प्रयोग ना करें।

 Q ● वायरल बुखार की अंग्रेजी दवा-medicine for viral fever in hindi

   एलोपैथी में वायरल बुखार के लिए कई तरह की अंग्रेजी दवाइयां और एंटीबायोटिक दी जाती हैं। कुछ लोग वायरल फीवर की ओवर द काउंटर दवाइयां लेते हैं परंतु यह दवाइयां सावधानी के साथ ली जानी चाहिए।

      इन दवाइयां में एंटीबायोटिक्स इबुप्रोफेन एसिटामिनोफेन, एस्पिरिन, नेपरोक्सन आदि दवाइयां दी जाती है।

 जैसा कि मैं पहले बताया कि यह यह दवाइयां हमेशा डॉक्टर के देखभाल में और उनकी सलाह में ही ले और इस बात का खास ख्याल रखें। क्योंकि इन दवाइयां के दुष्परिणाम भी हो सकते हैं अगर एंटीबायोटिक दवाइयां ले रहे हैं तो उन दवाइयां का पूरा कोर्स करें क्योंकि यह दवाइयां ड्रग रेजिस्टेंस होने के बाद काम नहीं करती है।

    वैसे तो वायरल बुखार की कोई खास दवा एलोपैथी (अंग्रेजी) में नहीं होती है यह दवाइयां सिर्फ शरीर को थोड़ा बहुत आराम पहुंच जाती है। वायरल बुखार से लड़ने के लिए आपका शरीर की मुख्य औजार होता है ऐसे में यह जरूरी है कि वायरल बुखार में दवाईयों पर ज्यादा जोर न देकर अपने खान-पान और रहन-सहन पर मुख्य ध्यान दें।

 ● बच्चों में वायरल बुखार के लक्षण-viral fever symptoms in child in hindi

आमतौर पर बच्चों में भी वही लक्षण वायरल बुखार होने पर देखने को मिलते हैं जो बड़ों में होते हैं।परंतु बच्चों में वायरल फीवर होने पर उनकी स्थिति थोड़ा ज्यादा गंभीर हो जाती है। 

  जब बच्चों को वायरल बुखार होता है तब वह चिड़चिडड़े हो जाते हैं, उनका शरीर सुस्त हो जाता है या वह अधिकतर शांत रहते हैं,शरीर का तापमान बढ़ जाता है, भूख घट जाती है, कुछ बच्चे ज्यादा रोते हैं, उनकी सांस फूलने लगती है, कई बच्चों को उल्टी होना और आंखों का लाल होना भी देखने को मिलता है।

      इसके अलावा बच्चों के शरीर में दर्द, सिर दर्द, नींद ना आना, ठंड लगना, आदि लक्षण देखने को मिलते हैं, इसलिए जब बच्चों को वायरल फीवर हो तो तुरंत उनके इलाज के बारे में सोचें।

 ● विशेष:-

आशा करते हैं दोस्तों कि यह पोस्ट वायरल बुखार का रामबाण इलाज-viral bukhar ka ilaj या (home remedies for viral fever in hindi) के बारे में दी गई जानकारी आपके स्वास्थ्य जीवन के लिए कारगर साबित होगी। पोस्ट को अंत तक पढ़ने के लिए आपका तहे दिल से धन्यवाद। अगर आपका कोई सवाल या सुझाव हो तो हमें कमेंट जरुर करें। हम आपके सवालों का उत्तर देने की पूरी कोशिश करेंगे। 

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