तुलसी के पत्ते के 10 ऐसे फायदे जिनको जान के आप भौचक्के रह जाएंगे। Tulsi Ke Fayde in hindi.

 क्या आप जानते हैं तुलसी के फायदे| Tulsi Ke Fayde in hindi 

तुलसी के फायदे,

भारत मे तुलसी को अधिकतर लोग सिर्फ पूजने के लिए घरों में लगाते हैं मगर तुलसी के फायदेTulsi Ke Fayde in hindi कई सारे हैं जोकि आपको जीवन भर स्वास्थ्य रख सकते हैं।

     हिंदू मान्यताओं के अनुसार हमारे घर और आंगन में पाई जाने वाली तुलसी बहुत उपयोगी और पूजनीय होती है। तुलसी सिर्फ एक पौधा नहीं है बल्कि तुलसी का इस्तेमाल कई बीमारियों में जड़ी बूटी के तौर पर भी किया जाता है। तुलसी के अंदर कई सारे रोगों से लड़ने की एक विशेष क्षमता होती है। इसलिए तो इसको क्वीन आफ हर्ब यानी आयुर्वेदिक औषधियों की रानी भी कहा जाता है। 

      हमारे आयुर्वेद में तुलसी के हर अंग को स्वास्थ्य के लिए बहुत चमत्कारी और लाभदायक माना गया है। तुलसी की जड़, शाखा,पत्तियां और बीज इन सभी भागों कि अपनी एक अलग उपयोगिता और फायदे हैं। तुलसी का पौधा डायबिटीज में भी बहुत फायदा करता है। क्योंकि तुलसी के अंदर हाइपोग्लाइकेमिक तत्व पाए जाते हैं जोकि ब्लड शुगर के लेवल को कम करते हैं। आमतौर पर दो प्रकार की तुलसी देखने को मिलती है पहला गहरे रंग की पत्तियों वाली तुलसी और दूसरा थोड़े से हल्के रंग वाले पत्तों की तुलसी।

    ● घर में तुलसी का महत्व| Importance of Tulsi in the house.

     तुलसी को घर में रखने से कई नेगेटिव शक्तियां घर से बाहर रहती हैं और घर के अंदर सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। हमारे ग्रंथों में लिखा गया है जिस घर के अंदर या आंगन में तुलसी का पौधा होता है उस घर में बैक्टीरिया, वायरस और जीवाणु ज्यादा पनप नहीं पाते हैं। साथ ही साथ यह जहां होते हैं वहां का वातावरण भी शुद्ध और स्वस्थ होता है। इस तुलसी का जितना महत्त्व धार्मिक नजरिये से है उतना ही महत्व आयुर्वेदिक नजरिये से भी है। यह हमको कई रोगों से बचाता है।

       सुबह के समय खाली पेट अगर तुलसी का पत्ता खाया जाता है तो यह हमारे शरीर की गंदगी को बाहर निकालता है,इम्युनिटी को बढ़ाता है और कई सारे रोगों को खत्म करता है। जिस घर में तुलसी का पेड़ होता है वहां मलेरिया होने की संभावना बहुत कम होती है। तुलसी छोटी से लेकर बड़ी बीमारियों में बहुत काम आती है। आयुर्वेदिक दृष्टि से तुलसी के अंदर एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल और एंटी फंगल जैसे तत्व पाए जाते हैं। 

      इससे शरीर की कई सारी समस्याओं को खत्म किया जा सकता है। तुलसी का पत्ता खाली पेट खाने से यह पाचन क्रिया को सही करता है, पेट में जलन, एसिडिटी, अपच और गैस को ठीक करता है। साथ ही साथ यह हमारे बॉडी के पीएच लेवल को मेंटेन करता है। चलिए अब जानते हैं कि तुलसी का पौधा हमारे लिए किस-किस तरीके से काम आता है। इसके क्या क्या फायदे हैं। और इसको कैसे-कैसे प्रयोग कर सकते हैं।

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    तुलसी के फायदे,

     ● तुलसी से सफेद दाग का इलाज| Treatment of white spots with Tulsi.

    सफेद दाग और झाइयों के लिए तुलसी के पत्तों का रस एक चम्मच, नींबू का रस एक चम्मच, और कसौदी के पत्तों का रस एक चम्मच। इन सभी को आपस में मिलाकर एक साफ तांबे के बर्तन में रखकर 24 घंटे के लिए इसको धूप में रख दें। फिर जब यह थोड़ा गाढ़ा हो जाए तब इसको सफेद दाग, झाइयों और चर्म रोगों पर लगायें। इससे यह सभी चर्म रोगों को खत्म कर देता है।।

     ● सर्दी जुकाम में लाभदायक तुलसी का काढ़ा| Beneficial in common cold.

    तुलसी एंटीवायरल गुणो से भरपूर होती है, साथ ही साथ यह एंटीफ्लू और एंटीबैक्टीरियल का भी काम करती है। अगर आपको सर्दी, जुकाम हो जाता है तो तुलसी और अदरक का काढा बनाकर पीने से आपके सर्दी जुकाम में बहुत राहत मिलती है। जब किसी को सर्दी जुखाम हो जाता है तो उसका इलाज एलोपैथिक मैं नहीं होता है।
       क्योंकि एलोपैथिक दवाओं के अंदर कोई भी ऐसी दवा नहीं है जो की इम्युनिटी को बढ़ाये और वायरस से लड़े। एलोपैथिक में बस शरीर को आराम देने वाली दवाइयां दी जाती है। जबकि तुलसी खांसी, जुकाम और बुखार मैं बहुत लाभदायक होता है। सर्दी जुकाम में तुलसी को प्रयोग करने के लिए तुलसी अदरक का काढा बहुत फायदेमंद होता है। आगे चलकर हम आपको बताएंगे कि तुलसी और अदरक का काढा कैसे बनाया जाता है।

     ● कफ निकाले और खांसी ठीक करे तुलसी|Basil removes phlegm and cures cough.

    तुलसी और अदरक का काढा या सिर्फ तुलसी और गुड़ का काढ़ा पीने से शरीर और छाती में जमा कफ गलकर बाहर निकलने लगता है। क्योंकि तुलसी और अदरक के अंदर कफ को कमजोर करने वाले और गलाने वाले गुण पाए जाते हैं। साथ ही जहां अन्य दवाइयां पीने से रोगी को नींद लगती है वही तुलसी का सेवन करने से व्यक्ति को एनर्जी फील होती है।

     ● इम्युनिटी को बढ़ाये तुलसी|Tulsi increases immunity.

    तुलसी हमारी इम्युनिटी को भी बढ़ाने का काम करता है। तुलसी के अंदर इम्यूनोमोड्यूलेटरी तत्व पाए जाते हैं जो की इम्यून सिस्टम पर अपना इफ़ेक्ट डालकर इम्यून सिस्टम की कार्य करने की क्षमता को बढ़ाती हैं। अगर किसी की इम्यूनिटी कम हो तो रोज उसको सुबह 5 से 10 तुलसी की पत्तियों का सेवन खाली पेट करना चाहिए।

       इससे उसकी इम्युनिटी बढ़ती है और शरीर की कमजोरी भी ठीक होती है। साथ ही उसके शरीर में अगर कोई वायरल या बैक्टीरियल इनफेक्शन है तो वह भी ठीक होता है। कुल मिलाकर तुलसी हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है और शरीर में मौजूद सारे बैक्टीरिया और वायरस को खत्म करती है।

    ● कॉमन कोल्ड और फ्लू में लाभकारी तुलसी| Basil beneficial in common cold and flu.

    सर्दियों और मौसम बदलने के समय हमको कई सारे रोग घेर लेते हैं ऐसे में फ्लू और कॉमन कोल्ड होना एक आम सी बात है। जिनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है और खान-पान खराब होता है उनको यह रोग बहुत आसानी से घेर लेते हैं और जब यह रोग घेर लेते हैं तो चार-पांच दिन तक बहुत परेशान करते हैं। ऐसे में कोई एलोपैथिक दवा कुछ खास असर नहीं करती। मगर आयुर्वेद की तुलसी इस समय आपकी बहुत ज्यादा मदद कर सकती है।

      एलोपैथिक में आज तक वायरस को खत्म करने की कोई दवा बनी ही नहीं है उसके लिए आयुर्वेद मुख्य औषधी प्रदान करता है। अगर आपको गले में खराश, खांसी, कॉमन कोल्ड, फ्लू वगैरह है तो उसके लिए तुलसी बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है। तुलसी का काढा या तुलसी के पत्ते खाने से कॉमन कोल्ड में और गले की खराश में बहुत लाभ मिलता है।

      ● कैंसर से लड़ने में तुलसी सहायक| tulsi helpful in fighting cancer

    कैंसर वैज्ञानिकों का मानना है कि तुलसी के अंदर रेडियोप्रोटेक्टिव गुण पाए जाते हैं। यह रेडियोप्रोटेक्टिव गुण शरीर के अंदर पैदा होने वाले छोटे-छोटे टयूमर सेल्स को खत्म करने का काम करते हैं, साथ ही साथ तुलसी के अंदर यूजिनॉल भी पाया जाता है जोकि कैंसर सेल्स को पैदा होने से रोकता हैम कुल मिलाकर कहें तो तुलसी सिर्फ एक पौधा नहीं है बल्कि या गुणों का भंडार है। 

      तुलसी कई प्रकार के कैंसर सेल्स को बढ़ने और पैदा होने से रोकता है। तुलसी के अंदर रोसमारिनिक एसिड, लुटोलीन, एपीगेनिन और और मायरटेनल, जैसे कैंसर से लड़ने वाले फाइटोकेमिकल्स पाए जाते हैं। दोस्तों आपको तो पता ही होगा कि कैंसर कितनी खतरनाक बीमारी है इसमें भी यह तुलसी का पौधा बहुत फायदेमंद साबित होता है। मगर कैंसर रोग को खत्म करने के लिए सिर्फ तुलसी के भरोसे मत बैठिएगा क्योंकि तुलसी कैंसर का इलाज नहीं करती सिर्फ कैंसर के सेल्स को बढ़ने और कैंसर होने से बचाव करती है।

     ● ब्लड वेसल्स को ठीक करे| Heal the blood vessels.

    तुलसी के अंदर कई सारे ऐसे गुण भी पाए जाते हैं जोकि है वैस्कुलर यानी खून की नसों को प्रोटेक्ट करने का काम करती हैं। साथ ही साथ तुलसी खून को गाढ़ा होने की प्रक्रिया को भी कम करता है। जिससे रक्त का सरकुलेशन बहुत अच्छी तरीके से होता है। तुलसी का पत्ता गाढ़ा और भारी हो चुके खून को पतला करके ब्लड फ्लो को अच्छा करता है। जिस वजह से हमको स्ट्रोक होने का खतरा बहुत कम हो जाता है।

       अगर आप को दिल की कमजोरी है नसों की समस्या है तो उसके लिए तुलसी का प्रयोग बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। बशर्ते इसको प्रयोग करने के साथ-साथ है आपको अपने खान-पान और रहन-सहन पर भी खास ख्याल रखना पड़ेगा। तुलसी के पत्तों को अर्जुन के साथ मिलाकर लेने से यह दिल की कई सारी बीमारियों मैं बहुत फायदा करता है।
    तुलसी के फायदे.

      ●  पेट के रोगों को ठीक करें|Cure stomach diseases.

    पहले जमाने के लोग खाना खाने के बाद 4-5 तुलसी की पत्तियों का सेवन करते थे। इससे उनको कभी भी मलेरिया नहीं होता था साथ ही साथ खाया हुआ खाना आसानी से पच जाता था।

       ऐसा इसलिए क्योंकि तुलसी के अंदर बहुत सारे ऐसे नेचुरल तत्व पाए जाते हैं जो कि खाने का पाचन करते हैं और पेट की बीमारियों में भी फायदा करते हैं। अगर आपको पेट दर्द या पेट में गैस की समस्या हो तो एक गिलास नारियल के पानी में एक या दो चम्मच तुलसी के पत्तों का रस और एक चम्मच नींबू मिलाकर पीने से अपच, गैस और एसिडिटी ठीक हो जाती है।

      दोस्तों जैसा कि मैंने पहले बताया था कि तुलसी का काढ़ा बहुत फायदेमंद होता है और मैं आगे चलकर इसको बनाने का तरीका बताऊंगा, तो चलिए मैं आपको इसका तरीका बताता हूं।

      ◆ तुलसी का काढ़ा कैसे बनाएं| How to make Tulsi decoction.


    तुलसी का काढ़ा बनाने के लिए आपको चाहिए
    1. 20 से 30 तुलसी के पत्ते,
    2. 2 ग्राम कटा हुआ अदरक
    3. चार छोटी इलायची
    4. आधा चम्मच लाल चंदन
    5. चार से पांच पिसी हुई काली मिर्च
    6. दो चुटकी दालचीनी
    7. 4-5 लौंग
    8. और अपने स्वाद अनुसार थोड़ा गुड़ सा भी ले लें।
     सबसे पहले एक बर्तन ले उसके अंदर चार-पांच कप पानी डालें फिर इन सारी चीजों को उसके अंदर डालकर और ढककर उबालें जब अच्छी तरीके से उबलने लगे तो इसको छानकर चाय की तरह पियें। इस काढ़े का प्रयोग आराम से 2 लोग कर सकते हैं। इसको प्रयोग करने से सर्दी,जुकाम, खांसी, बुखार, वायरल फ्लू,कॉमन कोल्ड आदि सभी सदस्यों में बहुत अच्छा और बहुत फास्ट फायदा मिलता है।

      FAQ:- कुछ जरूरी सवाल और उनके जवाब|  Some important questions and their answers.

    Tulsi Ke Fayde in hindi

     ● नीम और तुलसी के पत्ते खाने के फायदे|Benefits of eating Neem and Tulsi leaves.

    नीम और तुलसी दोनों एंटीबैक्टीरियल आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर होते हैं। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं और शरीर में हानिकारक जीवाणुओं और विषाणुओं को समाप्त करते हैं।

      अगर सुबह खाली पेट एक चम्मच नीम और एक चम्मच तुलसी के पत्तों का रस आधे ग्लास सामान्य पानी में मिलकर लिया जाता है तो इससे चर्म रोग, पेट के रोग, इंटरनल इंफेक्शन और कई सारे जीवाणुओं और विषाणुओं के द्वारा फैलने वाले रोगों से राहत मिलती है तथा शरीर की इम्युनिटी बूस्ट होती है।

      ● तुलसी के पत्तों से झाइयां कैसे मिटाएं? How to remove freckles with basil leaves?

    चेहरे की झाइयों को मिटाने के लिए एक चम्मच तुलसी का रस, दो चम्मच पिसी हुई मुल्तानी मिट्टी, आधा चम्मच नींबू का रस और दो चुटकी हल्दी। 

     इन सभी को मिलाकर और पेस्ट बनाकर अपने चेहरे पर रात को सोने से आधा घंटा पहले लगाएं और सोने से आधा घंटा पहले इसको धुल दे। इससे चेहरे की झाइयां समाप्त हो जाती है और चेहरा निखर जाता है।

      ● तुलसी के पत्ते को कैसे खाएं? How to eat Tulsi leaves?

    तुलसी के पत्तों को खाने की बजाय इसका रस निकालकर पिए या फिर काढ़ा बनाकर और गर्म पानी में उबालकर पिए। इससे यह ज्यादा फायदा करेगा।

     ● तुलसी के पत्ते किस दिन तोड़ना चाहिए? On which day should basil leaves be plucked?

    Tulsi Ke Fayde.

    तुलसी के पत्तों को बहुत पवित्र माना जाता है।
    किसी धार्मिक कार्य के लिए या रोग के लिए तुलसी की पत्तियों को तोड़ना उचित माना जाता है। तुलसी के पौधों को सूर्योदय के बाद और स्‍नान करने के बाद साफ हाथों से तोड़ना चाहिए।

      ● एक दिन में कितने तुलसी के पत्ते खाने चाहिए ? How many basil leaves should be eaten in a day?

    तुलसी का प्रयोग हमेशा ताजा पत्तियां तोड़ने के बाद तुरंत करें। इसको प्रयोग करने के लिए इसको धुल कर खाली पेट कच्चा खा जाएं या फिर इसका काढ़ा बनाकर पीएं। मार्केट में बहुत सारे तुलसी पाउडर सप्लीमेंट पर मिलते हैं। हालांकि उनकी शुद्धता की कोई गारंटी वगैरह नहीं होती है। 

      मगर आप अगर ऐसी कोई जगह पर रह रहे हैं जहां तुलसी नहीं मिल रही है तो आप इन पौधों का भी प्रयोग इमरजेंसी में कर सकते हैं। एक दिन में 5 से 10 तुलसी के पत्ते खा सकते हैं।

     ◆ तुलसी के पत्ते खाने के नुकसान| Disadvantages of eating Tulsi leaves.

    दोस्तों मैंने अब तक आपको तुलसी कई सारे फायदे और अनगिनत लाभ बताएं मगर तुलसी के कुछ साइड इफेक्ट भी है। कहा गया है कि अति हर चीज की बुरी होती है इसलिए हर चीज को सोच समझकर और सीमित मात्रा में ही इस्तेमाल करना चाहिए तभी उसका सही और सटीक फायदा मिलता है। तुलसी के अंदर इनफर्टिलिटी तत्व भी पाए जाते हैं जिस वजह से पुरुषों का स्पर्म काउंट कम हो सकता है मगर इस बात का कोई साइंटिफिक प्रूव नही है। 
        मगर फिर भी बेमतलब इसके पत्तों का ज्यादा सेवन ना करें। साथ ही साथ गर्भवती महिलाओं को भी तुलसी का सेवन सोच समझ कर करना चाहिए।

    जैसा कि मैंने पहले बताया कि तुलसी ब्लड को जमने से रोकती है और ब्लड को पतला करती है। जिससे बॉडी में ब्लड सरकुलेशन अच्छी तरीके से हो पाता है। अगर आपको कहीं कोई चोट या जखम है तो आप पत्तों का सेवन ना करें, वरना आपका ब्लड पतला होकर ज्यादा बह सकता है। इसके अलावा जो लोग डायबिटीज की दवाई ले रहे हैं उनको भी तुलसी का सेवन सोच समझ कर करना चाहिए। क्योंकि यह ब्लड ग्लूकोज के लेबल को कम करता है।।

     विशेष आभार:-

      इसी के साथ आशा करते हैं दोस्तों की Tulsi ke fayde in hindi में दी गई जानकारी आपके लिए बहुत ज्यादा लाभकारी साबित होगी। पोस्ट को अंत तक पढ़ने के लिए आपका तहे दिल से धन्यवाद।।
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